Audio Engineering Me Career kaise banaye

Career in Audio Engineering-  क्या आप ऑडियो इंजीनियरिंग यानी कि Sound Engineering में कैरियर बनाना चाहते हैं। अगर आप इस फील्ड में कैरियर बनाने का सपना देख रहे हैं तो हम आपको इस पोस्ट में डिटेल में बताएंगे कि Audio Engineering Me Career kaise banaye। इस आर्टिकल में आपको ऑडियो Engineering (Sound Engineering) Course से सम्बंधित सारी इनफार्मेशन मिलेगी। जिससे आप पूरी तरह से इस फील्ड के बारे में जान सकेंगे और Career का सही डिसीजन ले सकेंगे।

Audio Engineering Me Career kaise banaye

Audio Engineering ऐसे स्टूडेंट्स के लिए काफी अच्छा कोर्स है जो Film या TV इंडस्ट्री में Sound Engineer या Audio Engineer के तौर पर कैरियर बनाना चाहते हैं। मौजूदा समय में इस सेक्टर में Career की काफी संभावनाएं नजर आ रही हैं। इसलिए इस फील्ड में आने वाले लोगों की संख्या भी बढ़ रही है। 

Audio Engineering के क्षेत्र में Career बनाने के लिए Student को 12वीं Class PCM सब्जेक्ट से कम से कम 50% फीसदी अंकों से पास होना चाहिए। फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (FTII) और सत्यजीत रे फ़िल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट, आईआईटी कॉलेज जैसे रेपुटेड कॉलेज में प्रवेश entrance एग्जाम के माध्यम से मिलता है। हालांकि कुछ अच्छे Private Institute Direct भी दाखिला दे देते हैं।

Audio Engineering में आप सर्टिफिकेट या डिप्लोमा जैसे कोर्स कर सकते हैं। सर्टिफिकेट कोर्स की अवधि 6 महीने से लेकर 1 साल तक होती है और Diploma Course 1 साल से लेकर 2 साल तक के हो सकते हैं। वंही बैचलर डिग्री की अवधि 4 साल, मास्टर डिग्री Course की अवधि 2 साल होती है।

डिप्लोमा या सर्टिफिकेट कोर्स की fees 20 हजार से लेकर 1लाख के आसपास हो सकती है। वंही बैचलर और मास्टर डिग्री कोर्स की फीस 4 से 5 लाख तक सकती है। चूंकि ये Entertainment इंडस्ट्री से जुड़ा सेक्टर है इसलिए यंहा पर आमदनी की कोई सीमा नही है। आप अपने टैलेंट के मुताबिक कम से कम और ज्यादा से ज्यादा कमा सकते हैं।

इन कोर्स कंप्लीट करने के बाद आप इस फील्ड में 15 से 20 हजार की शुरुआती सैलरी पा सकते हैं। अनुभव होने के बाद एक Audio Engineer की लाखों रुपये सैलॅरी के रूप में पा सकता है। अगर आपने आईआईटी, FTII, SJRFTII से ऑडियो इंजीनियरिंग कोर्स किया है तो शुरुआती सैलरी भी आपकी काफी ज्यादा हो सकती है।

सर्टिफिकेट कोर्स की अवधि 6 महीने से लेकर 1 साल तक होती है और Diploma Course 1 साल से लेकर 2 साल तक के हो सकते हैं। वंही बैचलर डिग्री की अवधि 4 साल, मास्टर डिग्री Course की अवधि 2 साल होती है।

Audio Engineering Course

ऑडियो इंजीनियरिंग को ही साउंड इंजीनियरिंग के नाम से जाना जाता है। इसमें career बनाने के लिए आप निम्न कोर्स जॉइन कर सकते हैं।
सर्टिफिकेट इन साउंड एंड रिकॉर्डिंग इंजीनियरिंग
सर्टिफिकेट इन साउंड इंजीनियरिंग
सर्टिफिकेट इन ऑडियो एंड रिकॉर्डिंग इंजीनियरिंग
सर्टिफिकेट इन ऑडियो एंड प्रोडक्शन टेक्नोलॉजी
सर्टिफिकेट इन ऑडियो टेक्नोलॉजी
डिप्लोमा इन ऑडियो इंजीनियरिंग
डिप्लोमा इन साउंड इंजीनियरिंग
बैचलर इन साउंड इंजिनीरिंग
मास्टर इन साउंड इंजीनियरिंग

Career Scope in Audio Engineering

Entertainment Industry यानी कि मनोरंजन की दुनिया मे Audio Engineer के लिए बेहतरीन मौके हैं। अब पूरी दुनिया ग्लोबलाइजेशन के दौर में है ऐसे में देश के अलावा विदेशों में भी Audio Engineer के लिए job के अच्छे अवसर हैं। पिछले एक दशक से Audio Engineering उभरता हुआ Career विकल्प है। 

इस क्षेत्र में Film इंडस्ट्री, TV इंडस्ट्री, video Production कंपनीज, एडवरटाइजिंग कम्पनीज, ऑडियो Production लैब्स तथा Sound ब्रॉडकास्टिंग में अच्छा Career बनाया जा सकता है। Audio Engineering में डिग्री या डिप्लोमा हासिल करने के बाद Film and TV Production हाउस में, Ad Production house, मल्टीमीडिया एंड एनिमेशन, CD Production, ब्राडकास्टिंग आदि में जॉब कर सकते हैं।

इस क्षेत्र में शुरुआत में Assistant रिकॉर्डिंग Engineer के रूप में जोब का अवसर मिलता है। अच्छा अनुभव होने पर आप Audio Engineer बन सकते हैं। इसके अलावा रिकॉर्डर, मिक्सर, माइक्रोफोन, म्यूजिक एंड स्पीच, सॉफ्टवेयर में भी कई तरह के काम कर सकते हैं। Music Producer के तौर पर आप खुद का Recording Studio स्टार्ट कर सकते हैं। इसमे आप स्पेशल इफेक्ट्स, Sound, म्यूजिक, डायलॉग, म्यूजिक प्रोडक्शन में स्पेशलाइजेशन भी कर सकते हैं।

Audio Engineering क्या है?

ऑडियो इंजीनियरिंग Audio Science की एक शाखा है। जिसमे साउंड की रिकॉर्डिंग, साउंड कैप्चरिंग, Sound Editing एंड मिक्सिंग, आवाज में उतार- चढ़ाव जैसे परिवर्तन किए जाते हैं। ये सभी कार्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों (Computer and Software) द्वारा की मदद से किये जाते हैं। यह कार्य Post Production के अंतर्गत आता है। यह कार्य करने वाले व्यक्ति Sound Engineer या Audio Engineer कहलाते हैं।

सबसे पहले आवाज (Sound) को रिकॉर्ड किया जाता है। इसके बाद में उसमे जरूरत के अनुसार उसमे Sound Effect, साउंड म्यूजिक लगाए जाते हैं। जरूरी साउंड को जोड़ा जाता है और जो जरूरत की साउंड नही होती है उसको डिलीट किया जाता है। 

Audio Engineer के लिए जरूरी Skills

Sound Recording and Engineering का फील्ड उन लोगों के लिए बहुत परफेक्ट है जिनकी साइंस के साथ मनोरंजन कला में रुचि है। इस सेक्टर में आने वाले लोगो को सुरों की समझ होनी चाहिए। Physics और Math की बेसिक समझ भी होना जरूरी है। Audio Engineer को Audio इक्विपमेंट की समझ हो साथ ही साउंड के उतार-चढ़ाव, सुर-ताल, लय, साउंड एडिटिंग, मिक्सिंग, साउंड इफ़ेक्ट, Sound editing Software, आदिं की अच्छी समझ हो। 

Audio Engineering Course पाठ्यक्रम

इस कोर्स में Sound Recording, Editing एंड मिक्सिंग, के रचनात्मक और तकनीकी पहलुओं की स्टडी की जाती है। इसमे ऑडिओ को कैसे रिकॉर्ड करना है, उसमे इफ़ेक्ट कैसे लगाना है, उसमे Music की मिक्सिंग कैसे करनी है इसके बारे में सिखाया जाता है। Audio राइटिंग, मल्टीट्रैक प्रोडक्शन, Recording tools, माइक्रोफोन आदि के बारे में जानकारी दी जाती है।

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Career Profile in Audio Engineering

साउंड इंजीनियरिंग में आपके लिए अनेक कैरियर के विकल्प हैं। आप इस फील्ड में निम्न पदों पर कार्य कर सकते हैं।

  • Sound Engineer- साउंड इंजीनियर का काम Audio या Sound को record करना, आवाज को आकर्षक नियंत्रित करना, म्यूजिक और Speech को आकर्षक बनाने का कार्य ऑडियो इंजीनियर का होता है।
  • Broadcast Engineer- इन लोगों का काम प्रसारण से उपकरणों की देखभाल करना होता है।
  • Dialogue Editor- डायलॉग एडिटर टीवी चैनल के प्रोग्राम को एनालॉग एडिट करते हैं।
  • Sound Editor- ये साउंड एडिटर, म्यूजिक एडिटर, डायलॉग एडिटर, साउंड इफेक्ट एडिटर इन सभी के कार्यों को देखता है।
  • Recording Engineer-  रिकॉर्डिंग इंजीनियर का काम हेडफोन, माइक्रोफोन, मिक्सर आदि सभी उपकरणों को सेट करने से सम्बंधित कार्य होते हैं।
  • Music Editor- ये Music ट्रैक को एडिट करने का कार्य करते हैं।
  • Studio Manager- ये रिकॉर्डिंग के लिए स्टूडियो की मेंटीनेंस और बुकिंग से जुड़े काम देखते हैं। इसके साथ ही ये फाइनेंशियल मामलों की जिम्मेदारी इन्ही की होती है।
  • Sound Effect Editor- ये ऑडियो में साउंड इफ़ेक्ट लगाने का काम देखते है और उसको अंतिम रुप देते हैं।
  • Mixing Engineer- ये लोग विभिन्न रिकॉर्डिंग ट्रैक को मिलाते हैं और म्यूजिक को फाइनल करते हैं।
  • Sound Designer- ये लोग किसी भी म्यूजिक, फ़िल्म के साउंड को डिज़ाइन करते है तथा उसको विखरे हुए तत्त्वों को सीक्वेंस में मिलाते हैं।
Best College For Audio Engineering

फ़िल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया, पुणे
सत्यजीत रे फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट, कोलकाता
आईआईटी, खरगपुर विजू पटनायक फ़िल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट, उड़ीशा
नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फ़िल्म एंड फाइन आर्ट्स, कलकत्ता


हमे उम्मीद है कि Audio Engineering Me Career kaise banaye ये आर्टिकल आपको पसंद आया होगा। इस पोस्ट में मैंने Audio Engineering Career एंड कोर्स के बारे में डिटेल में बताया है।

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