Bank Manager Kaise Bane

How Become Bank Manager in Hindi- आज की इस पोस्ट में हम एक बहुत ही महत्वपूर्ण टॉपिक पर बात करेंगे वो है Bank Manager kaise bane। अगर आप भी बैंक में मैनेजर बनने का सपना देख रहे हैं तो हमारी ये पोस्ट आपके लिए बहुत ही हेलफ्फुल साबित होगी।

इस पोस्ट में हम बैंक मैनेजर बनने का पूरा प्रोसेस बताएंगे, जिससे कि आपको इस फील्ड की सही जानकारी मिल जाएगी और आप Bank Me Manager बनने का सपना पूरा कर सकेंगे। जब तक आपको लोगों को किसी भी फील्ड की पूरी जानकारी नही होती है, तब तक तो लोगों को उस फील्ड की राह बहुत ही आसान लगती है। लेकिन जब आपको मालूम होता है कि Bank Me Manger kaise bane तो आपकी राह आसान हो जाती है। क्योंकि आपको रास्ता तो पता है, बस आपको उस राह पर चलना है।

अभी आपके दिमाग मे Bank Manager kaise bane इससे जुड़े अनेक सवाल आ रहे होंगे, जैसेकि बैंक मैनेजर बनने के लिए क्या योग्यता होनी चाहिए। कितनी उम्र होनी चाहिए? इसके लिए कौन सी पढ़ाई करनी होगी? बैंक मैनेजर की तैयारी कैसे करें। इससे संबंधित हर इन्फॉर्मेशन मिलेगी। चलिये अब डिटेल में जानते हैं।

Bank Me Manager Kaise bane in Hindi

बैंक मैनेजर बनने के लिए किसी खास योग्यता की जरूरत नही होती है। कैंडिडेट को बस किसी भी स्ट्रीम से ग्रेजुएशन होना चाहिए। चाहे, बीए, बीकाम, बीएससी, बीटेक, बीएड कोई भी बैचलर लेवल की डिग्री की हो। मैनेजर बनने के लिए योग्य होते हैं। अब आपको ये तो पता चल गया होगा कि बैंक मैनेजर बनने के लिए कितना पढा- लिखा होना चाहिए।

सबसे पहले आप ये निश्चित करें, कि आपको सरकारी बैंक में Manager बनना है या फिर प्राइवेट बैंक में। प्राइवेट बैंक में मैनेजर आप कुछ आसानी से बन सकते हैं। इसमे अगर आपकी जान- पहचान है तो और भी आसानी से प्राइवेट बैंक मैनेजर बन सकते हैं। प्राइवेट बैंक अपने यंहा मैनेजर की पोस्ट के लिए एग्जाम भी आयोजित करते हैं और क्लर्क या कैशियर का प्रमोशन करके भी मैनेजर की नियुक्ति करते हैं।

सरकारी बैंक में मैनेजर बनने का प्रोसेस थोड़ा कठिन होता है। सरकारी बैंक में मैनेजर बनना काफी कठिन माना जाता है। कठिन तो है, लेकिन असम्भव नही। हमारे और आप जैसे लोग ही मेहनत करके बैंक मैनेजर बनते हैं। जन्म से कोई मैनेजर नही पैदा होता है। इसके लिए कुछ मेहनत करनी होती है। वो भी सही डायरेक्शन में।

बहुत से लोग बर्षों से बैंक के एग्जाम की तैयारी कर रहे होते हैं, लेकिन फिर भी उनका सेलेक्शन नही हो पाता है। कंही न कंही उनकी कमी रहती है, जोकीं कई साल मेहनत करने के बाद में सेलेक्शन नही हो पाता है। इसके लिए मेहनत की तो जरूरत होती ही है और साथ ही स्मार्ट स्ट्रेटेजी अपनानी होती है। कुछ लोग मेहनत तो करते हैं, लेकिन सही डायरेक्शन में नही। जिस वजह से वे लोग बार- बार असफल होते हैं।

Bank Manager बनने के लिए Exam

सरकारी बैंक में मैनेजर बनने के लिए बैंक PO का Exam देना होता है। डायरेक्ट कोई भी बैंक मैनेजर नही बनता है। क्योंकि ये काफी जिम्मेदारी वाला काम होता है। इसलिए इस सेक्टर में पहले आप बैंक IPBS PO का Exam देकर प्रोबेशनरी ऑफिसर बनते हैं। इसके बाद साल तक आपको PO के पद पर ही कार्य करना होता है। लगभग 3 साल तक असिस्टेंट मैनेजर के तौर पर कार्य करने के बाद में आप।प्रमोशन पाकर Bank Manager Ban Sakte hai।

चाहें प्राइवेट बैंक हों या सरकारी किसी भी बैंक में डायरेक्ट मैनेजर नही बनते हैं। बल्कि PO या असिस्टेंट मैनेजर ही प्रमोट होकर Bank Manager बनते हैं।

IBPS, PO एग्जाम के माध्यम से SBI Bank छोड़कर अन्य सभी बैंक में PO या बैंक मैनेजर बन सकते हैं। SBI अपने यंहा खुद PO एग्जाम का आयोजन करता है। इस तरह दो बैंक एग्जाम के माध्यम से आप बैंक मैनेजर बन सकते हैं। जोकीं SBI PO और IPBS PO एग्जाम होते हैं।

IBPS PO Exam के लिए Age Limit

आईबीपीएस एग्जाम के माध्यम से पीओ एग्जाम के लिए कैंडिडेट की उम्र 20 से 30 बर्ष के बीच होनी चाहिए। SC/ ST कैटेगरी के कैंडिडेट को 5 बर्ष की उम्र सीमा में छूट मिलती है और ओबीसी कैटेगरी के कैंडिडेट को 3 बर्ष की छूट मिलती है। पीडब्ल्यूडी (विकलांग व्यक्ति) को 10 बर्ष की उम्र सीमा में छूट का प्रावधान है।

भूतपूर्व सैनिक, कमीशन अधिकारी जिसमें आपातकालीन कमीशन अधिकारी (ईसीओ) / शॉर्ट सर्विस कमीशन अधिकारी (एसएससीओ) शामिल हैं। इन उम्मीदवारों को कम से कम 5 साल की सैन्य सेवा प्राप्त करनी चाहिए और असाइनमेंट पूरा होने पर रिहा कर दिया गया है (जिनके असाइनमेंट एक वर्ष के भीतर होने वाले हैं) इन कैंडिडेट को 5 बर्ष की छूट मिलती है। इसके अलावा 1984 के दंगों से प्रभावित व्यक्ति को भी उम्र सीमा में 5 बर्ष की छूट का प्रावधान है।

कैंडिडेट को भारत का नागरिक होना चाहिए।

Career Scope as a Bank Manager

चूंकि बैंक मैनेजर बैंकिंग कार्य प्रणाली से संबंधित व्यक्ति होता है। हम आपको बता दें कि बैंकिंग के सेक्टर में कैरियर स्कोप काफी अच्छा होता है। जब बात आती है, बैंक मैनेजर, बैंक क्लर्क, बैंक PO जैसे पदों पर कैरियर स्कोप की तो आपको टेंशन लेने की जरूरत नही है। निसंदेह ही इस फील्ड में कैरियर स्कोप अच्छा है। क्योंकि इसमे आपको प्रमोशन भी मिलता रहता है, जिससे आपकी ग्रोथ भी होती रहती है। दूसरी बात ये है कि इस फील्ड में सैलरी भी काफी आकर्षक होती है। जब आपका प्रमोशन होता है, तो आपके पद में इजाफा होने के साथ ही आपकी सैलरी में भी इजाफा होता है।

मौजूदा समय मे काफी युवाओं को बैंक की जॉब आकर्षित कर रही है। जिस वजह से बैंकिंग की तैयारी करने वाले कैंडिडेट की संख्या में काफी ज्यादा बढ़ोतरी हो रही है। जिस वजह से इसमे कॉम्पटीशन काफी बढ़ गया है। अब आपको और भी ज्यादा सेलेक्शन पाने के लिए मेहनत करने की जरूरत होती है।

Work of Bank Manager (बैंक मैनेजर के कार्य)

बैंक मैनेजर किस भी बैंक की ब्रांच का प्रमुख होता है। इसलिए बैंक मैनेजर को ब्रांच मैनेजर या शाखा प्रबंधक भी कहा जाता है।

एक बैंक शाखा प्रबंधक बैंक की शाखा के अनुशासन के लिए तो जिम्मेदार होता ही है और साथ ही बैंकिंग व्यवसाय के लिए जिम्मेदार होता है। जितने भी कार्य किसी भी बैंक में होते हैं, वे सभी bank manager की देख-रेख और उसके अनुसार ही होते हैं।

उस बैंक ब्रांच के संचालन की एक तरह से पूरी जिम्मेदारी बैंक मैनेजर की होती है।

बैंक ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए आकर्षक बैंकिंग प्रोडक्ट का विकास करना और उनको बढ़ावा देना होता है।

बैंक में सभी कर्मचारियों को लीड करना और उनको आवश्यक दिशा- निर्देश देना होता है।

बैंक में सभी ग्राहकों के रिकॉर्ड मेंटेन करके रखना होता है।

बैंकिंग परिचालन से इससे संबंधित विभिन्न तरह के डेटाबेस बनाना और विकसित करने का कार्य।

बैंक मैनेजर बैंक की सफलता के लिए रणनीति तैयार करता है, ताकि बैंक सफलता प्राप्त करे।

दिन भर में होने वाले लेनदेन के हिसाब को मेंटेन करना।

बैंक के लिए बैंक मैनेजर वार्षिक परिचालन और व्यय बजट तैयार करने का भी कार्य करता है।

Bank PO Exam की तैयारी कैसे करे?

बैंक पीओ एग्जाम को पास करने के लिए आपको एक सही रणनीति बनानी होगी। इसके लिए आप किसी अच्छे बैंकिंग की तैयारी कराने वाले कोचिंग सेंटर को भी जॉइन कर सकते हैं। वंहा से आपको बेहतर मार्गदर्शन मिल सकता है। वैसे तो आजकल बहुत सारे बैंकिंग एग्जाम की तैयारी कराने वाले कोचिंग सेंटर हैं। लेकिन आप किसी अच्छे और रेपुटेड कोचिंग सेंटर से ही बैंकिंग की तैयारी करें।

जिस कोचिंग सेन्टर से ज्यादा कैंडिडेट का सेलेक्शन होता हो, उसी से आप बैंकिंग की तैयारी करें। सिर्फ कोचिंग सेंटर जॉइन करने से कुछ नही होगा, कोचिंग के साथ- साथ मे 3 से 4 घण्टे रोज सेल्फ स्टडी भी करें। जो भी कोचिंग में पढ़कर आएं, उसका रिवीजन भी करें। इस तरह से आप 1 से 2 साल में Bank PO का एग्जाम पास कर सकते हैं।

Bank Manager बनने के लिए स्टेप्स

सबसे पहले आप 12वीं पास करें।

12वीं के बाद किसी भी स्ट्रीम से ग्रेजुएशन कंप्लीट करें।

ग्रेजुएशन होने के बाद बैंक PO के लिए अप्लाई करें।

इसके बैंक पीओ का प्री एग्जाम होता है।

प्री एग्जाम पास करने के बाद में मेंस एग्जाम पास करिण।

मेंस एग्जाम क्वालीफाई करने के बाद में इंटरव्यू क्वालीफाई करिण।

इसके बाद पीओ के पद पर सेलेक्शन हो जाता है।

3 से 5 साल तक पीओ के पद पर कार्य करने का अनुभव हासिल करें।

इसके बाद अगर आपका कार्य संतोषजनक रहता है तो आपका सेलेक्शन Bank Manager के पद पर हो जाता है।

Bank Manager Salary in hindi

बैंक मैनेजर की सैलरी काफी आकर्षक होती है, जोकीं 50 हजार से लेकर 165000 तक हो सकती है। सैलरी में अलावा और अन्य भत्ते भी मिलते हैं।

IBPS PO Exam Pattern

प्री एग्जाम 1 घंटे का होता है। 100 मार्क्स का होता है।

मेंस एग्जाम 3 घंटे 30 मिनट का होता है। ये 200 मार्क्स का होता है।

इंटरव्यू 100 मार्क्स का होता है।

इसमे 1/4 नेगेटिव मार्किंग का भी प्रावधान होता है।

ये कंप्यूटर बेस्ड ऑनलाइन एग्जाम होता है।

हिंदी और इंग्लिश दोनो भाषओं में एग्जाम दे सकते हैं।

Pre Exam Pattern

इंग्लिश लैंग्वेज 30 क्वेश्चन जोकीं 30 मार्क्स के होते हैं। जिनके लिए आपको 20 मिनट का टाइम मिलता है।

क्वांटिटेटिव एप्टीट्यूड के 30 क्वेश्चन जोकीं 35 मार्क्स के होते हैं, इसमे भी 20 मिनट का समय मिलता है।

रीजनिंग एबिलिटी से 35 क्वेश्चन आते हैं, जोकीं 35 मार्क्स के ही होते हैं, इनमे भी आपको 20 मिनट का समय मिलता है।

इस तरह से प्री एग्जाम में 100 क्वेश्चन होते है, जिसके लिए 60 मिनट का समय मिलता है और ये 100 पूर्णाक का पेपर होता है।

IBPS Mains Exam Pattern

रीजनिंग and कंप्यूटर एप्टीट्यूड से 45 क्वेश्चन जोकीं अधिकतम 60 मार्क्स के होते हैं, इसके लिए 60 मिनट का समय निर्धारित होता है।

जनरल इकोनामी/ बैंकिंग अवेयरनेस इसमे 40 क्वेश्चन पूंछे जाते हैं और 40 मिनट का ही समय मिलता है। इसके लिए अधिकतम 40 अंक निर्धारित हैं।

इंग्लिस लैंग्वेज से 35 क्वेश्चन आते हैं, जोकीं 40 मार्क्स होते हैं, इसमे 40 मिनट का समय मिलता है।

डाटा एनालिसिस एंड इंट्रप्रेशन 35 क्वेश्चन होते हैं, इसके लिए अधिकतम 60 मार्क्स निर्धारित किये गए हैं। इसमे 45 मिनट का समय मिलता है।

इंग्लिश लैंग्वेज (लेटर राइटिंग एंड एस्से) इसमे 2 क्वेश्चन आते हैं, जिसके लिए 25 मार्क्स निर्धारित हैं। इसके लिए 30 मिनट का समय मिलता है।

इस तरह से मेंस एग्जाम में 155 क्वेश्चन आते हैं, जिसके लिए 200 अंक अधिकतम निर्धारित होते हैं। और समय 3 घंटे का मिलता है।

बैंक पीओ एग्जाम में क्वेश्चन काफी कठिन पूंछे जाते हैं और समय काफी कम होता है। ऐसे में क्वेश्चन पर हाई कमांड बहुत जरूरी होती है। जब आपकी विषय पर अच्छी पकड़ होगी तभी आप इतने कम समय मे क्वेश्चन सॉल्व कर पाएंगे। इसलिए जरूरी है, कि आप ज्यादा से ज्यादा क्वेश्चन सॉल्व करें और स्पीड टेस्ट भी देते रहें। जिससे आपको अंदाजा लगता रहेगा कि कंहा पर आप कमजोर हैं। इस तरह से कमजोरियों को दूर करके आप PO का एग्जाम क्रैक कर सकते हैं और बैंक मैनेजर बनने का सपना पूरा कर सकते हैं।

Bank Manager kaise bane, इससे संबंधित पूंछे जाने वाले प्रश्न

क्या मैं 12 के बाद बैंक मैनेजर एग्जाम की कर सकता हूँ।

जी हां 12th के बाद आप दिन में 2 घंटे का समय निकालकर bank po के एग्जाम की तैयारी शुरू कर सकते हैं। ये तरीका आपके लिए काफी अच्छा रहेगा, क्योंकि जब तक आप ग्रेजुएशन कंप्लीट करेंगे तब तक आपकी PO Exam की तैयारी भी अच्छी हो जाएगी। क्योंकि इस बीच आपको 3 से से 4 साल का समय मिल जाएगा। इसके बाद आप आसानी से एक एग्जाम को क्रैक कर सकते हैं।

IBPS, PO Exam और SBI, PO एग्जाम में क्या अंतर है।

आईबीपीएस के माध्यम से SBI को छोड़कर तमामं सरकारी बैंकों में आप नौकरी पा सकते हैं। जबकि SBI, PO के माध्यम से आप सिर्फ एसबीआई बैंक में ही नौकरी कर सकते हैं।

PO Exam की हम कितने महीने तैयारी करके पास कर सकते हैं।

देखिए इसका कोई भी सटीक जबाब नही है। ये स्टडी करने वाले कि क्षमता पर निर्भर करता है, कि वो कितने दिन में इस एग्जाम की अच्छी तैयारी कर सकता है। कुछ लोग तो 5 से 6 महीने की पढ़ाई करने के बाद ही Bank, PO का एग्जाम पास कर लेते हैं और वंही कुछ लोग 5 साल में भी नही कर पाते हैं। अगर आप ओसत दर्जे के स्टूडेंडस हैं तो आप इस एग्जाम को 1 से 2 साल में अच्छी तैयारी करके पास कर सकते हैं।

Bank, PO एग्जाम की तैयारी कैसे करें?

बैंक पीओ एग्जाम की तैयारी के लिए आपको किसी अच्छे इंस्टीट्यूट से कोचिंग करनी चाहिए। सेल्फ स्टडी भी आप कर सकते हैं, लेकिन अगर आप बेहतर मार्गदर्शन चाहते हैं तो आपको किसी अच्छे कोचिंग संस्थान से कोचिंग जरूर करनी चाहिए। जिससे आप कम समय मे भी सफलता हासिल कर सकते हैं।

मैंने बीटेक किया है तो क्या मैं bank, po एग्जाम दे सकता हूँ?

जी हां बैंक पीओ का एग्जाम देने के लिए कैंडिडेट को किसी भी सब्जेक्ट या कोर्स से ग्रेजुएशन होना चाहिए। चाहे आपने इंजीनियरिंग में ग्रेजुएशन किया हो, या मेडिकल फील्ड में या चाहें बीए, बीएससी, बीकॉम कुछ भी किया हो। बस आपके पास किसी भी मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी से बैचलर डिग्री होनी चाहिए।

Bank, PO एग्जाम को पास करने के लिए कितने घंटे रोज पढ़ाई करें, ताकि एक साल में सिलेक्शन हो सके।

देखिए बैंक पीओ का एग्जाम थोड़ा कठिन होता है। इसलिए अगर आप 1 साल में ही इसके एग्जाम को क्रैक करना चाहते हैं तो आप कम से कम रोज 5 से 7 घंटे जरूर पढ़ें, तभी आप सफल हो सकते हैं।

Bank PO की कोचिंग फीस कितनी होती है?

हर कोचिंग संस्थान में फीस का क्राइटेरिया अलग-अलग होता है। कुछ नामी संस्थान होते हैं तो वंहा पर फ़ीस कुछ ज्यादा हो सकती है। एवरेज दर्जे के संस्थान की फीस कम होती है। फिलहाल इसकी कोचिंग की फीस 10 हजार से लेकर 30 हजार के बीच मे होती है।

Bank, PO एग्जाम कैसे होता है?

पीओ का एग्जाम या अन्य बैंक के एग्जाम ये सभी कंप्यूटर बेस्ड ऑनलाइन ही एग्जाम होते हैं। फिलहाल अगर आपने कभी भी ऑनलाइन एग्जाम नही दिया है, तो भी भयभीत होने की जरूरत नही है। काफी आसान होता है।

उम्मीद है कि Bank Manager kaise bane ये आर्टिकल आपको पसन्द आया होगा, क्योंकि यंहा पर मैंने इससे जुड़ी हर जानकारी दी है, जोकीं आपके बैंक मैनेजर बनने के सपने को पूरा करने में मदद करेगी। अगर फिर भी आपके कोई भी सवाल हैं तो आप कमेंट के माध्यम से पूँछ सकते हैं।

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