GST Meaning in Hindi

GST Meaning in Hindi: जीएसटी का मीनिंग क्या होता है? जीएसटी क्या है? ये कितने प्रकार की होती है? जीएसटी कैसे काम करती है, आदि।

आज के इस लेख का हमारा बिषय है कि जीएसटी का मीनिंग या मतलब क्या होता है। वर्तमान में जीएसटी से तो हर कोई परिचित है। दुकानदार, बिजनेसमैन हर किसी को जीएसटी देना होता है। पिछले कुछ सालों से जीएसटी पर चर्चा काफी तेज हुई है। जिस वजह से हर किसी को जीएसटी के बारे में मालूम हो गया, लेकिन शायद ही किसी को इसका मीनिंग पता हो। अगर आपको भी नही मालूम है तो चलिए हम आपको बताते हैं?

GST Meaning in Hindi

जीएसटी का मीनिंग जानने से पहले आपको इसका फुल फॉर्म जानना होगा, तभी इसका सही मीनिंग आप समझ पाएंगे। जीएसटी का फुल फॉर्म गुड्स एंड सर्विस टैक्स होता है। इसका सीधा सा मीनिग ये है कि जीएसटी किसी भी वस्तु या सेवा पर लगने वाला कर होता है। जीएसटी को हिंदी में वस्तु एंव सेवा कर होती है।

जीएसटी क्या है?

जब हम लोग कोई प्रॉडक्ट खरीदते हैं या कोई सर्विस लेते हैं तो हम लोगों को उसका टैक्स देना पड़ता है। इसी टेस्ट को जीएसटी कहते हैं। जीएसटी ‘एक देश, एक टैक्स’ व्यवस्था के अंतर्गत आपको एक ही टैक्स देना पड़ता है।

जीएसटी किसने लागूं की।

भारत की केंद्र सरकार के बड़े फैसलों में सबसे ज्यादा नोटबंदी के बाद जीएसटी की चर्चा होती है। नवंबर 2016 में केंद्र सरकार ने नोटबंदी करने का फैसला लिया था। इसके बाद जुलाई 2017 से केंद्र सरकार ने जीएसटी को लागू किया।

जीएसटी की प्रमुख विशेषता क्या है?

जीएसटी की खास और सबसे बड़ी विशेषता ये है कि किसी भी वस्तु और सर्विस पर टैक्स की दर पूरे देश में एक समान होती है। यानी देश ​के किसी कोने में मौजूद कस्टमर या कंज्यूमर किसी भी वस्तु या सेवा पर एक जैसा ही टैक्स (कर) देना होता।

जीएसटी कितने प्रकार की होती है?

जीएसटी तीन तरह की होती है। 1) सेंट्रल जीएसटी(CGST), (2) इंटीग्रेटेड जीएसटी(IGST), (3) स्टेट जीएसटी (SGST

सेंट्रल जीएसटी क्या है?

सेंट्रल जीएसटी का पूरा नाम सेंट्रल गुड्स एंड सर्विस टैक्स होता है। जब किसी वस्तु या सेवा की किसी राज्य के भीतर ही आपूर्ति होती है, तो इस कंडीशन में केंद्र सरकार को दिया जाने वाला टैक्स (कर) सीजीएसटी कहलाता है। यानी कोई भी व्यवसाई या कारोबारी अपने ही राज्य के अंदर दूसरे व्यापारी से सामान या सर्विस लेता है तो इसमे उसको केंद्र सरकार को सीजीएसटी या सेंट्रल जीएसटी चुकाना होता है।

स्टेट जीएसटी क्या है?

एसजीएसटी का पूरा नाम स्टेट गुड्स एंड सर्विस टैक्स होता है। जब किसी भी वस्तु या सेवा की आपूर्ति किसी राज्य के भीतर ही होती है, तो इस स्थिति में एसजीएसटी चुकाना पड़ता है।

आईजीएसटी क्या है?

इसका फुल फॉर्म इंटेग्रेटेड गुड्स एंड सर्विस टैक्स होता है। जब किसी दो अलग- अलग राज्यों के व्यापारियों के बीच वस्तु या सेवा को लेकर खरीद या बिक्री होती है, तो इस पर आईजीएसटी लगता है। ये सीजीएसटी और एसजीएसटी इन दोनों का जोड़ ही होता है। ये सिर्फ केंद्र सरकार को चुकाया जाता है।

केंद्र सरकार के पास जमा होने के बाद में आईजीएसटी दो भागों में बांटा जाता है। सेंट्रल जीएसटी का हिस्सा केंद्र सरकार अपने पास रख लेती है, जबकि राज्यों का हिस्सा संबंधित राज्य सरकारों को दे दिया जाता है। आईजीएसटी की वसूली करने का अधिकार केवल केंद्र के पास ही होता है। किसी दूसरे देश से प्रॉडक्ट्स या सर्विस की डील पर टैक्स केंद्र और राज्य दोनों को मिलता है।

आईटीआर और जीएसटी में क्या सम्बंध है?

नई कर व्यवस्था के अंतर्गत जीएसटी सिस्टम में कारोबारियों और व्यापारियों के बिजनेस पर नजर बनाये रखने के लिए निगरानी के हेतु तमाम स्टेप्स बनाए गए हैं। हर महीने की टोटल बिक्री, टोटल खरीदारी और टैक्स की देनदारी के बारे में सरकार के पास सभी कारोबारियों का विवरण पहुंचता है। ये सारे विवरण ऑनलाइन होते हैं। जीएसटी रिटर्न की भी यही व्यवस्था होती है। बिजनेस के सही तरह के मिलान पर जमा किए गए टैक्स क्रेडिट के रूप में व्यापारियों के पास वापस आते हैं।

जीएसटी क्या है हिंदी में समझें?

जीएसटी को हिंदी में वस्तु एवं सेवा कर कहते ह। जोकि किसी वस्तु या सेवा की खरीद करने पर चुकाना पड़ता है।

जीएसटी कितने प्रकार के होते हैं?

ये तीन प्रकार की होती है। सेंट्रल जीएसटी, इंटीग्रेटेड जीएसटी और स्टेट जीएसटी।

जीएसटी कैसे काम करता है?

जीएसटी किसी वस्तु या सेवा के सभी चरणों में लागू होगा अर्थात निर्माण से उपभोग तक। इसके श्रृंखला के सभी स्टेप्स में क्रेडिट लाभ मिलेगा। अब निर्माण से लेकर उपयोग के सभी चरण तक टैक्स का मार्जिन जोड़ा जाएगा और फिर पूरी राशि का टैक्स के रूप भुगतान करना होगा। जीएसटी लागू होने के बाद में टैक्स क्रेडिट लाभ लोगों को मिलग।

जीएसटी क्यों लगाया जाता है?

केंद्र सरकार देश के विकास के लिए पैसे खर्च करती है, तो इसी लिए केंद्र सरकार जीएसटी लगाती है, ताकि उसको देश के विकास के लिए आमदनी हो सके।

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