Loco Pilot Kaise Bane

Loco Pilot Kaise Bane: लोको पायलट कैसे बनें, योग्यता, एग्जाम, सिलेबस, सेलेक्शन प्रोसेस, सैलरी।

अगर आपका भी सपना लोको पायलट बनने का है, तो आप RRB ALP का एग्जाम देकर इस लोकप्रिय सर्विस का हिस्सा बन सकते हैं। लोको पायलट का मतलब है कि रेल ड्राइवर। जिस तरह से बस ड्राइवर बस चलाता है। उसी तरह रेल ड्राइवर रेल चलाता है।

लोको पायलट को रेलवे की B ग्रुप की श्रेणी में रखा जाता है। हर साल लाखों युवा इस परीक्षा में शामिल होते हैं। यंहा पर अनुभव के साथ-साथ सैलरी भी बढ़ती है और साथ ही प्रमोशन भी मिलता है। चलिये जानते हैं कि Loco Pilot kaise bane और इसके लिए जरूरी आवश्यक योग्यता क्या है और सेलेक्शन का प्रोसेस क्या होता है। चलिये जानते हैं डिटेल में।

Loco Pilot Kaise Bane

एक लोको-पायलट को ट्रेन के संचालन की जिम्मेदारी सौंपी जाती है। लोको पायलट हाई डिमांडिंग जॉब प्रोफाइल है। लोको पायलट के पद पर सीधे ही भर्ती नही होती है। इसलिए कोई भी डायरेक्ट ही लोको पायलट नही बन सकता है। इसके लिए उम्मीदवार को सबसे पहले सहायक लोको पायलट की जॉब करनी होती है और कुछ सालों के अनुभव हासिल करना पड़ता है।

अब बात आती है कि असिस्टेंट या सहायक Loco Pilot kaise bane तो हम आपको बता दें, इसके लिए रेलवे विभाग समय- समय पर RRB ALP परीक्षा का समय- समय पर आयोजन करती है, जिसमे उम्मीदवार आवेदन करके इस परीक्षा में शामिल हो सकते हैं।

अगर परीक्षा पास कर लेते हैं, तो आप असिस्टेंट लोको के तौर पर कैरियर की शुरुआत कर सकते हैं। फिर कुछ बर्षों के बाद प्रमोशन पाकर लोको पायलट बन सकते हैं। ये लोको पायलट बनने का पूरा प्रोसेस है। चलिये जानते हैं कि लोको पायलट बनने के लिए आवश्यक योग्यता क्या होती है।

Qualification for Loco Pilot in hindi

लोको पायलट के लिए उम्मीदवार को 10वीं या 12वीं के साथ ही आईटीआई कोर्स (एनसीवीटी / एससीवीटी द्वारा मान्यता प्राप्त) निम्नलिखित ट्रेडों में से किसी एक में आईटीआई पास होना चाहिए

इलेक्ट्रीशियन,
कॉइल वाइन्डर
आर्मेचर वाइन्डर
इलेक्ट्रॉनिक्स मैकेनिक्स
फिटर, हीट इंजन
इंस्ट्रुमेंटेशन मैकेनिक
मशीनिस्ट, वेल्डर
मैकेनिक डीजल
पेट्रोल इंजन
मोटर वाहन मैकेनिक
मैकेनिक रेडियो और टीवी
टर्नर
एसी मैकेनिक
मरीन वेल्डर

या उम्मीदवार को इंजीनियरिंग में मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल, इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमोबाइल में डिप्लोमा उत्तीर्ण होना चाहिए।

या कैंडिडेट ने अपरेंटिस अधिनियम, 1961 के तहत अप्रेंटिस पूर्ण की हो। चलिये अब लोको पायलट के लिए आवश्यक उम्र सीमा के बारे में जानते हैं।

Age For Loco Pilot in Hindi

असिस्टेंट लोको पायलट या लोको पायलट बनने के लिए उम्मीदवार की उम्र 18 से 28 बर्ष के बीच मे होनी चाहिए। आरक्षण के अंतर्गत आने वाले कैंडिडेट को नियमानुसार उम्र सीमा में छूट भी मिलती है।

लोको पायलट बनने के लिए उम्मीदवार को शारीरिक और मानसिक रूप से भी पूर्ण रूप से स्वस्थ होना चाहिए।

Loco Pilot ke liye शारीरिक मापदंड

लोको पायलट बनने के लिए कैंडिडेट की आंखे बिल्कुल स्वास्थ्य होनी चाहिए। अगर आप की आंखों में कोई दिक्कत है, आपकीं आखँ की दृष्टि सही नही है तो आप लोको पायलट नही बन सकते हैं।

Loco Pilot Selection Process (लोको पायलट के चयन की प्रक्रिया)

लोको पायलट बनने के लिए कैंडिडेट तीन चरण की प्रक्रिया पूरी करनी पड़ती है। आइये जानते है इन्हीं तीन चरणों के बारे में।

1:लिखित परीक्षा
इसमें कैंडिडेट को आवेदन करने के बाद सबसे पहले लिखित परीक्षा देनी होती है। जिसमें 120 अंकों के बहुविकल्पीय प्रश्न पूछे जाते जिन्हें 1 घंटे 30 मिनट में हल करना होता है। इसके साथ ही गलत जवाब देने पर 1/3 की नेगेटिव मार्किंग होती है।

सिलेबस

अंकगणित

रीजनिंग

सामन्य विज्ञान

तकनीकी योग्यता

सामन्य बुद्धि

सामन्य जागरूकता

2: इंटरव्यू

लिखित परीक्षा पास करने के बाद में कैंडिडेट को दूसरी परीक्षा देनी होती है, जिसमें कैंडिडेट को इंटरव्यू के लिए बुलाया जाता है। इस परीक्षा में या जांच की जाती है कि छात्र किसी भी प्रश्न का उत्तर कितनी जल्दी और कितना सटीक दे सकता है। आपसे इसमें इस तरह के सवाल पूंछे जाते है जो सिर्फ आप अपना सिर्फ दिमाग लगाकर ही हल कर सकते है।

3: मेडिकल टेस्ट
जब कैंडिडेट दूसरी परीक्षा को पास कर लेता है तो उसके बाद में यह अंतिम परीक्षा होती है। जिसमें कैंडिडेट का मेडिकल टेस्ट होता है। इस टेस्ट में कैंडिडेट की आँखों की जाँच की जाती है, कि कैंडिडेट्स की आंखे पूर्ण रूप से स्वस्थ हैं या नही। कैंडिडेट को सही से दिखाई देता है या नही।

जब कोई भी कैंडिडेट लोको पायलट की परीक्षा के तीनों चरणों को पास कर लेता है तो उसके के बाद कैंडिडेट को लोको पायलट की ट्रेनिंग करने के लिए भेजा जाता है। इसके बाद कैंडिडेट की असिस्टेंट लोको पायलट के तौर पर नियुक्ति की जाती है। कुछ सालों का अनुभव होने के बाद प्रमोशन पाकर आप असिस्टेंट से सीनियर लोको पायलट बन सकते हैं।

Salary of Loco Pilot (लोको पायलट को कितनी सैलरी मिलती है)

भारत में लोको पायलट का औसत वेतन 7वें वेतन आयोग के अनुसार 35,000 रुपये प्रतिमाह होता है। सीनियर लोको पायलट की सैलरी 55 से 60 हजार के आसपास होती है।

ये भी पढ़ें:
पायलट कैसे बनें?
एरोनॉटिकल इंजीनियर कैसे बनें?

Loco Pilot की तैयारी कैसे करें?

अगर आप लोको पायलट बनने का सपना देख रहे हैं तो हम यंहा पर आपको तैयारी के कुछ टिप्स बता रहे हैं, जिनको फ़ॉलो कर आप आसानी से तैयारी कर सकते हैं और लोको पायलट की परीक्षा पास कर सकते हैं।

सबसे पहले आप लोको पायलट के सिलेबस को चेक करें। उसमे देखे की किस टॉपिक से कितने क्वेश्चन कितने मार्क्स के आते हैं। अब आप अपनी तैयारी की रणनीति बनाएं।

सिलेबस के अनुसार तैयारी करें। जितने भी सब्जेक्ट एग्जाम में पूंछे जाते हैं, उंनको पढ़ने का एक पैटर्न बनाये कि किस दिन कितने घंटे कौन सा सब्जेक्ट पढ़ना है।

सिर्फ पढ़ना ही काफी नही है। जो भी पढ़े समय- समय पर उसका रिवीजन भी करते रहें।

करेंट अफेयर्स की तैयारी के लिए न्यूज़पेपर रोज पढ़ें।

पिछले साल के क्वेश्चन पेपर को देखने, समझे और सॉल्व करें।

पढ़ाई के साथ- साथ ये भी जरूरी है कि आप मॉक टेस्ट देते रहें। इससे आपको ये पता चलता रहेगा कि किस सब्जेक्ट में आप मजबूत हैं और किस सब्जेक्ट या किस टॉपिक में आप कमजोर हैं। जिसमे कमजोर हों उंनको मजबूत करने की कोशिश करें।

मैथ और रीजनिंग के लिए आप विभिन्न यूट्यूब चैनल्स की मदद ले सकते हैं। आज के समय मे यूट्यूब पर तैयारी के लिए काफी अच्छे- अच्छे वीडियो उपलब्ध हैं। बस आपके अंदर तैयारी का जुनून होना चाहिए।

लोको पायलट की तैयारी के लिए आप कोचिंग संस्थान भी जॉइन कर सकते हैं, जंहा से आपको काफी मदद मिल सकती है फिलहाल मेरी तो यही राय है कि अगर।आपको लोको पायलट बनना है तो एग्जाम के कम से कम 6 महीने पहले से ही किसी अच्छे कोचिंग संस्थान से कोचिंग करें। इससे आपको काफी हेल्प मिलेगी। जिससे आपका सेलेक्शन आसानी से हो सकेगा।

Assistant Loco Pilot Recruitment

भारतीय रेलवे भर्ती बोर्ड Assistant Loco Pilot Recruitment असिस्टेंट लोको पायलट के पदों को भरने के लिए रिक्तियों के बारे में समय- समय पर अधिसूचना जारी करते है। आप इसकी ऑफिसियल वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

Types of Loco Pilot (लोको पायलट कितने प्रकार के होते हैं)

सहायक (असिस्टेंट) लोको-पायलट

ये वो हैं जिनके पास इस क्षेत्र में 0 से 8 साल तक का अनुभव है। असिस्टेंट लोको पायलट वरिष्ठ लोको पायलट या लोको-पायलट के तहत ही काम करते हैं और उन्हें कभी भी ट्रेन का पूरा प्रभार नहीं सौंपा जाता है। ये आमतौर पर मालगाड़ी में काम करते हैं।

वरिष्ठ सहायक लोको-पायलट

छह या आठ साल के अनुभव वाले असिस्टेंट लोको पायलट को वरिष्ठ सहायक लोको पायलट के पद पर पदोन्नत किया जाता है। एक वरिष्ठ सहायक लोको पायलट को पड़ोसी शहरों के बीच मालगाड़ी या लोकल ट्रेन को चलाने का पूरा सौंपा जाता है। ये एक्सप्रेस ट्रेनों में लोको-पायलटों के साथ में भी काम कर सकते हैं।

लोको-पायलट

जब लोको पायलट को दस साल या उससे अधिक अनुभव हो जाता है तो उसके बाद वरिष्ठ सहायक लोको-पायलट को लोको पायलट के पद पर पदोन्नत किया जाता है। इन लोको पायलटों को एक्सप्रेस ट्रेनों, विशेष ट्रेनों और लंबी दूरी वाली ट्रेनों को चलाने का पूरा प्रभार दिया जाता है।

Job के मौके

असिस्टेंट लोको पायलट

लोको पायलट

लोको सुपरवाइजर

क्रू कंट्रोलर

पावर कंट्रोलर

Loco Pilot की जिम्मेदारी

यह सुनिश्चित करना कि ट्रेन अपने निश्चित समय पर चले। ये लोको-पायलट की जिम्मेदारी होती है।

लोको-पायलट ट्रेन के इंजन की सुरक्षा के साथ ही उसके यात्रियों की सुरक्षा के लिए भी जिम्मेदार होता है।

यह सुनिश्चित करना कि ट्रेन चलने से पहले उसका कोई उपकरण खराब तो नहीं हो रहा है।

इंजन में उचित ईंधन भरने और ईंधन भरने की निगरानी करना।

किसी भी तरह की आपात स्थिति के मामले में बैकअप या सहायता का अनुरोध करना

पर्यवेक्षक को ट्रेनों की मरम्मत का आवश्यकता पड़ने पर सुझाव दें।

उम्मीद है कि Loco Pilot Kaise bane ये पोस्ट आपको पसन्द आयी होगी, क्योंकि इस आर्टिकल में मैंने लोको पायलट कैसे बनते हैं? इसके बारे में डिटेल में बताया है। फिर भी अगर आपके कोई भी सवाल या सुझाव हैं तो आप कमेंट के माध्यम से पूँछ सकते हैं। careerkaisebane.in पर विजिट करने के लिए धन्यवाद।

Leave a Comment