Print Media Kya hai in hindi

Print Media kya hai in hindi- आज की इस पोस्ट में हम प्रिंट मीडिया के बारे में बताएंगे कि Print Media kya hai? आप इसमे सफल कैरियर कैसे बना सकते हैं? इस फील्ड में कैरियर स्कोप क्या है और कोर्स किस तरह के कॉलेज से करना चाहिए। इस Course ki Fees Kitni Hoti hai। इसके लिए best College कौन से हैं। इन सभी के बारे में हम आपको इस पोस्ट में डिटेल में बताने वाले हैं। चलिये Print Media kya hai in hindi इसके बारे में जान लेते हैं।

मीडिया की शुरुआत प्रिंट मीडिया से ही हुई है। शुरुआत में राजा- महाराजा लोग दीवारों पर, पत्थरों पर, पेड़ की क्षालो पर कोई भी सूचना या जानकारी लिखवाते या गुदवाते थे। इसके बाद धीरे- धीरे कागज का अविष्कार हुआ। इसके बाद इन कागज पर ठप्पे बनाकर मुद्रण कार्य किया जाने लगा। यंही प्रिंट मीडिया की शुरुआत हो चुकी थी। इसके बाद जब प्रिंटिंग मशीन का अविष्कार हुआ तो प्रिंट मीडिया की यंहा से बास्तविक शुरुआत हुई।

भारत मे प्रिंट मीडिया की शुरुआत एक अंग्रेज अधिकारी जेम्स आगस्टा हिक्की ने की थी, जब उन्होंने हिक्की गजट या कलकत्ता जनरल एडवरटाइजर की शुरुआत की। चूंकि यह समाचारपत्र अंग्रेजो के काले कारनामो को छापता था। इसलिए अंग्रेजो ने उसको काफी प्रताड़ित भी किया। इसको जेल में डाल दिया। यंहा तक कि उसका प्रिंटिंग प्रेस भी जप्त कर लिया और उस पर 5000 का जुर्माना भी लगा दिया।

लेकिन हिक्की भी कंहा मानने वाला था, उसने जेल से आने के बाद फिर से पत्रकारिता की शुरुआत कर दी। अंत मे अंग्रेज अधिकारियों ने परेशान होकर उसको इंग्लैंड भेज दिए। इस तरह भारत मे समाचारपत्र की शुरुआत कलकत्ता से हुई और यह भारत का पहला समाचार पत्र था, जोकीं अंग्रेजी में था। इस तरह भारत मे अंग्रेजी भाषा का पहला समाचारपत्र कलकत्ता जनरल एडवरटाइजर था, जिसकी शुरुआत 1779 में कलकत्ता से ही हुई थी।

इसके बाद धीरे- धीरे तमाम देश के महापुरुषों ने समाचारपत्रों की शुरुआत जन जागरण के लिए की। स्वन्त्रता के समय मे इन समाचारपत्रों ने काफी बड़ी भूमिका निभाई थी। उन दिनों प्रेस को आजादी नही थी। बहुत से महापुरुषों जैसे कि महात्मा गांधी और भी लोगो को जेल भी जाना पड़ा। अगर कोई अंग्रेजो के खिलाफ छापता था तो उसके खिलाफ सख्त करवाही होती थी। प्रेस भी जप्त कर लिया जाता था। जुर्माना भी किया जा सकता था।

हिंदी का पहला समाचारपत्र उदंत मार्तण्ड था। इसको हिंदी समाचारपत्रों का सूर्य भी कहा जाता है। यह सप्ताहिक समचारपत्र था। इसकी शुरुआत 30 मई 1826 में कलकत्ता से हुई थी। जिसको पंडित जुगुल किशोर शुक्ल ने शुरू किया था। इस तरह अब आपको पता चल गया होगा कि प्रिंट मीडिया की शुरुआत कैसे हुई थी। चलिये Print Media kya hai अब इसके बारे में जान लेते हैं।

Print Media Kya hai in hindi

कोई भी सूचना या जानकारी को जब लिखित माध्यम या प्रिंट करके एक स्थान से दूसरे स्थान भेजा जाता है तो उसको प्रिंट मीडिया कहते हैं। इसके अंतर्गत समाचारपत्र, पत्रिकाएं, मैगजीन, पुस्तकें आती हैं। लेकिन वर्तमान समय मे प्रिंट मीडिया के अंतर्गत सिर्फ समाचारपत्र, न्यूज़ मैगजीन को ही जाना जाता है।

जिसमे से मुख्य रूप से सिर्फ समाचारपत्र या न्यूज़पेपर को ही प्रिंट मीडिया माना जाता है। क्योंकि प्रिंट मीडिया का यही माध्यम सबसे ज्यादा प्रचलित है। चलिये अब जान लेते हैं कि अगर आप Print Media Me career बनाना चाहते हैं तो इस फील्ड में कैरियर स्कोप क्या है।

Print Media Me Career Scope

आज के समय मे बहुत से समाचारपत्र प्रकाशित होते हैं और नए भी दिन- प्रतिदिन बढ़ते जा रहे हैं। इस तरह से आप Print Media Course करने के बाद आसानी से किसी भी समाचारपत्र के संस्थान में News Reporter या एडिटर या फ़ोटो जॉर्नलिस्ट के तौर पर कैरियर बना सकते हैं। इतना ही नहीं आज के समय जितने भी न्यूज़पेपर हैं, ये सभी अपने न्यूज़ पोर्टल भी चलाते हैं। जंहा पर जॉब के काफी अच्छे चांस होते हैं। आप इन पोर्टल्स में जॉब कर सकते हैं।

अगर आप सिर्फ प्रिंट मीडिया कोर्स करेंगे तो आप सिर्फ न्यूज़पेपर या न्यूज़ मैगजीन में ही जॉब कर सकते हैं। वंही अगर आप Mass Communication and Journalism कोर्स करते हैं तो आप प्रिंट मीडिया में जॉब तो कर ही सकते हैं।

इसके अलावा आप इलेक्ट्रॉनिक मीडिया यानी कि टीवी न्यूज चैनल, में रिपोर्टर, एंकर, वीडियो एडिटर, कैमरा मैन बन सकते हैं। इसके अलावा आप डिजिटल मीडिया जिसको वेब मीडिया भी बोलते हैं। इसमे भी आप जॉब कर सकते हैं। मास कम्युनिकेशन कोर्स के बाद में आप फ़िल्म डायरेक्टर, स्क्रीनप्ले राइटर, वीडियो एडिटर, साउंड इंजीनियर भी बन सकते हैं।

इस कोर्स के बाद आप एडवरटाइजिंग, पब्लिक रिलेशन, रेडियो जॉकी, सेलेब्रिटी मैनेजर, इवेंट मैनेजर के फील्ड में भी कैरियर बना सकते हैं।

मास कम्युनिकेशन एंड जॉर्नलिज्म ऐसा कोर्स होता है। जिसमे सभी मीडिया के बारे में पढ़ाया जाता है। चाहें वो प्रिंट मीडिया हो, या इलेक्ट्रॉनिक मीडिया या वेब मीडिया हो। इसके अलावा इस कोर्स में फ़िल्म एंड वीडियो प्रोडक्शन के बारे में भी पढ़ाया जाता है। जिससे इस कोर्स को करने के बाद में तामम जगहों पर आप जॉब कर सकते हैं।

Print Media में कैरियर बनाने के लिए कोर्स

प्रिंट के फील्ड में कैरियर बनाने के लिये आप आप डिप्लोमा इन प्रिंट मीडिया, डिप्लोमा इन मास कॉम्युनिकेशन एंड जॉर्नलिज्म 12वी के बाद या फिर पीजी डिप्लोमा इन प्रिंट मीडिया या पीजी डिप्लोमा इन मास कॉम्युनिकेशन एंड जॉर्नलिज्म ग्रेजुएशन के बाद कर सकते हैं।

इसके अलावा मीडिया के फील्ड में कैरियर बनाने के लिए 12वी के बाद बैचलर इन जर्नलिज़म एंड मास कॉम्युनिकेशन या फिर ग्रेजुएशन के बाद मास्टर इन मास कॉम्युनिकेशन एंड जॉर्नलिज्म जैसे कोर्स कर सकते हैं। इन कोर्स की फीस सरकारी कॉलेज में 5 से 10 हजार और प्राइवेट कॉलेज में 50 हजार से 1 लाख प्रतिबर्ष के बीच होती है।

Best College for Print Media and Mass Communication

इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कॉम्युनिकेशन दिल्ली

जामिया मिलिया इस्लामिया दिल्ली

अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी

बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी

दिल्ली यूनिवर्सिटी

आंध्र यूनिवर्सिटी

कलकत्ता यूनिवर्सिटी

हैदराबाद यूनिवर्सिटी

इलाहाबाद यूनिवर्सिटी

गुरुघासीदास यूनिवर्सिटी

बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी

लखनऊ यूनिवर्सिटी, आदि

उम्मीद करते हैं कि Print Media Kya hai in hindi ये पोस्ट आपको पसन्द आयी होगी। अगर आपके कोई सवाल हैं तो आप हमसे कमेंट के माध्यम से पूंछ सकते हैं।

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