DA Meaning in Hindi

DA Meaning in Hindi: आज के इस लेख में हम डीए का मीनिंग और डीए से जुड़ी सारी जानकारी देंगे।

DA Meaning in Hindi

डीए की फुल फॉर्म Dearness Allowance होती है। जिसका हिंदी में मीनिंग महंगाई भत्ता होता है।

What is DA in hindi (महंगाई भत्ता क्या है)

महंगाई भत्ता सरकारी कर्मचारियों को उनके रहने-खाने के स्तर को बेहतर बनाने के लिए दिया जाता है। जिससे कि महंगाई बढ़ने पर भी कर्मचारी के रहन-सहन के स्तर में कोई कमी न हो। इसलिए DA सैलरी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। सरकारी कर्मचारियों व पब्लिक सेक्टर के कर्मचारियों और पेंशनधारकों को महंगाई भत्ता दिया जाता है।

सरकार अपने सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स को महंगाई से बचाने के लिए ये भत्ता देती है। बढ़ती महंगाई की वजह से इसको भी बढ़ाना पड़ता है। साल में इसको दो बार यानी जनवरी और जुलाई में कैलकुलेट किया जाता है। शहरी, अर्द्धशहरी और ग्रामीण इलाकों के हिसाब से ही कर्मचारियों का डीए अलग-अलग होता है।

DA (महंगाई भत्ता) की शुरुआत कैसे हुई?

महंगाई भत्ता देने की शुरुआत दूसरे विश्वयुद्ध के दौरान हुई थी। उस समय सैनिकों को खाने और अन्य दूसरी सुविधाओं के लिए वेतन से अलग यह पैसा दिया जाता था। उस वक्त DA को खाद्य महंगाई भत्ता या डियरनेस फूड अलाउंस कहा जाता था।

भारत में मुंबई सबसे पहले 1972 में महंगाई भत्ते देने की शुरुआत हुई थी। इसके बाद फिर केंद्र सरकार के सभी सरकारी कर्मचारियों को महंगाई भत्ता दिया जाने लगा। यंही से महंगाई भत्ता देने की शुरुआत हुई।

DA कैसे कैलकुलेट किया जाता है?

सरकार ने 2006 में डीए कैलकुलेट करने के फॉर्मूले में बदलाव किया था। तब से इसी आधार पर डीए का कैलकुलेशन होता है।

{पिछले 12 महीनों का औसत ऑल इंडिया कंज्यूमर Price इंडेक्स ( बेस ईयर-2001=100-115.76/115.76}X100

सेंट्रल पब्लिक सेक्टर के कर्मचारियों के लिए DA फॉर्मूला इस तरह है- { 3 महीनों का ऑल इंडिया कंज्यूमर Price इंडेक्स का औसत ( बेस ईयर-2001=100-126.33/126.33}X100

DA से कितनी सैलरी बढ़ेगी

केंद्र सरकार ने डीए, मूल वेतन का 28 फीसदी करने का फैसला किया है। पहले यह 17 फीसदी होता था, लेकिन अब इसमें 11 फीसदी की बढ़ोतरी कर दी गई है। मान लीजिए अगर किसी भी कर्मचारी की बेसिक सैलरी 30 हजार रुपये है तो 28 फीसदी के हिसाब से DA की रकम 8,400 रुपये बनेगी।

क्या DA टैक्स के दायरे में आता है

सैलरी पाने वाले सभी कर्मचारियों को डीए पर टैक्स देना पड़ता है। इनकम टैक्स के रूल्स के मुताबिक कर्मचारियों को डीए का हिस्सा आईटीआर में अलग से भरना होता है।

डीए की दो कैटेगरी होती है। औद्योगिक या इंडिस्ट्रीयल महंगाई भत्ता और वैरिएबल महंगाई भत्ता।

इंडस्ट्रियल महंगाई भत्ता ये केंद्र सरकार और सार्वजनिक क्षेत्र के कर्मचारियों पर लगता है। कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) के आधार पर हर तिमाही में इसकी समीक्षा होती है।

वैरिएबल महंगाई भत्ता (VDA) केंद्र सरकार के कर्मचारियों पर लगता है और कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) के आधार पर इसका हर छह महीने में रिव्यू होता है। वीडीए भी तीन चीजों पर आधारित है- 1.बेस इंडेक्स 2. कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स, 3.सरकार की ओर से तय किया गया वीडीए।

पेंशनर्स के लिए DA (महंगाई भत्ता)

पेंशनर्स के लिए दिया जाने वाला महंगाई भत्ता को डियरनेस रिलीफ (DR) कहते है। जब भी वेतन आयोग वेतन का नया ढांचा बनाता है तो उसमें बदलाव का प्रभाव रिटायर्ड कर्मचारियों की पेंशन पर भी पड़ता है। अगर महंगाई भत्ता बढ़ जाता है तो पेंशनर्स की DR भी बढ़ जाती है।

DA और एचआरए में क्या अंतर

अक्सर लोग डीए और एचआरए को एक ही चीज समझ लेते हैं। लेकिन इन दोनों में अंतर है। इनकम टैक्स के मुताबिक इन दोनों पर टैक्स की देनदारी अलग-अलग होती है। एचआरए प्राइवेट और पब्लिक सेक्टर के कर्मचारी दोनों को मिलता है जबकि डीए सिर्फ पब्लिक सेक्टर के कर्मचारियों को ही मिलता है। एचआरए के लिए कुछ में टैक्स छूट भी है। लेकिन डीए में कोई टैक्स छूट नहीं है।

उम्मीद है DA Meaning in Hindi ये लेख आपको पसंद आया होगा, क्योंकि यंहा पर मैंने DA की मीनिंग के साथ ही इससे जुड़ी सारी जानकारी दी है, जोकीं आपके लिए यूजफुल साबित होगी।

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